देश में शुरू हुई सबसे बड़ी योजना की खास कवरेज... जी हां हम
बात कर रहे हैं... जमधन नाम से शुरू हुई....प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सबसे
महत्वकांक्षी योजना की... जिससे सरकार को भारी उम्मीदें हैं... इतना ही हीं सरकार
इस योजना को गरीबों और मजदूरों के हित में.... एक मील का पत्थर मानकर चल रही है....
मोदी सरकार को उम्मीद है कि ये योजना... यूपीए सरकार की मनरेगा से भी ज्यादा... सफल
साबित होगी... और इससे जनता, समाज, सरकार और अर्थव्यवस्था को भारी खूब होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजधानी दिल्ली में 'प्रधानमंत्री जन धन योजना' का शुभारंभ किया। इस योजना का शुभारंभ दिल्ली के विज्ञान भवन से किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वित्त मंत्री अरुण जेटली भी मौजूद थे। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस योजना का व्यापक लाभ होगा। उन्होंने कहा कि आज देश में कई रिकार्ड बने हैं। उन्होंने कहा कि एक दिन में 1.5 करोड़ लोगों का बीमा होना और खाते खुलना... अपने आप में एक रिकार्ड है। उन्होंन ये भी कहा कि इस रिकार्ड से शासन में बैठे लोगों का विश्वास बढ़ेगा।
इस योजना के तहत बैंक खाते से 15 करोड़ लोगों को जोड़ने की योजना है। आम लोगों को वित्तीय सेवाओं से जोड़ने के लिए... अब देश के हर व्यक्ति के पास अपना बैंक खाता होगा। देशभर में 76 केंद्रों से.. एक साथ इस योजना की शुरुआत की गई। इस योजना के तहत... हर खाताधारक को एक डेबिट कार्ड और एक लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर दिया जाएगा। आगे चलकर उन्हें पेंशन के दायरे में भी लाया जाएगा।
ये योजना एक राष्ट्रीय मिशन है, जिसका उद्देश्य देश में सभी परिवारों को बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराना और हर परिवार का एक बैंक खाता खोलना है। इस योजना के तहत कम-से-कम 7.5 करोड़ परिवारों को कवर किए जाने का अनुमान है।
एनडीए सरकार का सपना
शुरू हुई सबसे बड़ी योजना
मनरेगा की टक्कर में
जनधन योजना का आगाज़
उद्घाटन के मौके पर
1 करोड़ बैंक खातों का लक्ष्य
यूपीए सरकार देश के पांच करोड़ परिवारों के.... 12 करोड़ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए मनरेगा लेकर आई थी। गरीबों को रोजगार देने के लक्ष्य से बनाई गई मनरेगा से ना सिर्फ गरीब परिवारों को...बल्कि यूपीए सरकार को भी इससे सियासी फायदा मिला... इसी योजना की टक्कर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एनडीए सरकार....जनधन योजना शुरू कर रही है। इसका उद्घाटन 28 अगस्त को हुआ....इस योजना के तहत... पहले ही दिन..सरकार ने एक करोड़ बैंक खाते खोलने का लक्ष्य रखा है। सरकार को लक्ष्य है कि अगस्त 2018 तक...इस योजना से 7.5 करोड़ परिवार जुड़ सकेंगे...और 15 करोड़ बैंक खाते खोले जाएंगे। इस योजना का मूल उद्देश्य गांवों और शहरों में रहने वाली गरीब आबादी को बैंकों से जोड़ने का है...ताकि एक गरीब इंसान भी अपनी बचत का हिस्सा बैंकों में जमा करा सके। और वक्त-जरूरत में उसका लाभ उठा सके। गौरतलब है कि देश में 7.64 करोड़ शहरी गरीब और 2.55 करोड़ ग्रामीण गराबों के पास बैंक खाते नहीं हैं। ऐसे में इन लोगों को जनधन योजना का काफी लाभ मिल सकता है।
क्या है जनधन योजना ? -
आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के बैंक खाते खोलने का लक्ष्य है।
7.5 करोड़ परिवारों को टारगेट किया गया है।
हर परिवार में दो-दो यानी कुल 15 करोड़ खाते अगले चार साल में खोले जाएंगे।
उन लोगों को भी शामिल किया जाएगा जिनके पास एक भी बैंक खाता नहीं है।
इस योजना को कामयाबी का अमलीजामा पहनाने के लिए..सरकार ने कड़ी प्लानिंग भी कर रखी है... गरीब लोगों को बैंक खाता खुलवाने में दिक्कतों का सामना न करना पड़ा... इसके लिए सरकार ने देशभर में 60 हजार शिविर लगाने की तैयारी की है...इतने ही नहीं जगह-जगह लोगों को जनधन योजना से जागरुक कराने के लिए...76 बड़े कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। उम्मीद करते हैं कि जिस शानदार तरीके से...सरकार ने इस योजना का आगाज़ किया है...इसका परिणाम भी इतना ही शानदार हो।
जनधन योजना की खास बातें
पहला फायदा
बढ़ेगा रोजगार
15 करोड़ खाते खोलने के लिए बिजनेस कॉरस्पन्डेंट्स की नियुक्ति होगी। इससे 50 हजार लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा।
दूसरा फायदा
ब्याज भी मिलेगा
इस सुविधा में ना सिर्फ आपकी रकम सुरक्षित रहेगी बल्कि पैसों की सुरक्षा के साथ उस पर ब्याज भी मिलेगा।
तीसरा फायदा
मिलेगा दुर्घटना बीमा
इस महत्वाकांक्षी योजना में एकाउंट खुलवाने वाले को एक लाख रुपए का दुर्घटना बीमा भी मिलेगा। सरकार व समाज की नज़र से यह बेहद सुविधाजनक व बेहतर योजना है।
चौथा फायदा
मिनिमम बैलेंस
योजना के तहत मिनिमम बैलेंस रखने की कोई बाध्यता नहीं है। आजकल तमाम आधुनिक बैंकों में अगर आप सीमा से कम बैलेंस रखते हैं तो आपका रुपया डिडक्ट हो जाता है।
पांचवां फायदा
पैसा भेजिए
इस योजना को अपनाकर आप देश में कहीं भी पैसे भेज सकते हैं। ख़ासकर इस के लिए अभी तक आपको मनी ट्रांस्फर की हाइटेक योजनाओं के सहारे रहना पड़ता था।
छठा फायदा
DBT
प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण जैसे प्लान के जरिए आपको अपना लाभ सीधे खाते में ही मिल जाएगा। इसके लिए आपको किसी भी तरह का स्पेशल क्लेम करने की ज़रूरत नहीं है।
सातवां फायदा
ओवरड्राफ्ट की सुविधा
खाता खुलने के छह महीने के बाद ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी दी जाएगी। आम तौर पर ओवरड्राफ्ट उस स्थिति को कहा जाता है जब आपके खाते में ज़ीरो से भी कम बैलेंस रह जाए और निकासी जारी रहे।
आठवां फायदा
KYC में सख्ती नहीं
अगर खाता खोलने के इच्छुक व्यक्ति के पास आधार नंबर या आधार कार्ड है, तो फिर उसे किसी भी अन्य प्रमाण की जरूरत नहीं है। पता बदलने पर आप नए पते को खुद से प्रमाणित करके दे सकते हैं। आधार कार्ड ना होने पर मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, से भी काम चल जाएगा।
सरकार जनधन योजना को काफी महत्वकांक्षी है...सरकार को उम्मीद है कि इससे करोडों लोगों को फायदा मिलेगा...यही वजह है कि इस योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार ने इसमें कई महत्वपूर्ण सुविधाएं भी दी हैं.. देखना होगा कि जनता को इस योजना से कितना लाभ मिल पाता है।
सरकार जनधन नाम की जिस महत्वकांक्षी योजना को लेकर आई है...उससे ना सिर्फ आम आदमी या गरीब को फायदा पहुंचेगा..बल्कि इससे खुद सरकार और अर्थव्यवस्था पर भी अच्छा असर पड़ने की उम्मीद है। क्योंकि देश की आबादी का बड़ा हिस्सा.. अपनी बचत गुल्लक या घर में रखता है..इस य़ोजना का लक्ष्य उस रुपये को घर से निकालकर बैंकों तक पहुंचाने का है...ऐसे में जब करोड़ों लोग अपनी बचत का छोटा-छोटा हिस्सा बैंकों पर पहुंचाएंगे...तो इससे समाज में पैसे का सर्कुलेशन बढ़ेगा..जिससे जाहिर तौर पर अर्थवस्था को मजबूती मिलेगी।
अर्थव्यवस्था पर असर
इस योजना से गुल्लक की बचत यानी गांव का पैसा बैंकों तक पहुंचेगा।
योजना के तहत सात हजार बैंक शाखाएं और 20 हजार एटीएम खोले जाएंगे।
ओवरड्राफ्ट सुविधा के डिफॉल्टरों की भरपाई के लिए क्रेडिट गारंटी फंड भी बनेगा। ताकि बैंकिंग क्षेत्र को नुकसान ना झेलना पड़े।
7.5 करोड़ लोगों का बीमा होगा। इससे माइक्रो इंश्योरेंस सेक्टर को फायदा होगा।
बैंकिंग सुविधाएं गांवों तक पहुंचाने के लिए डाक विभाग भी अहम भूमिका में आएगा।
वीओ - अर्थव्यवस्था और समाज को छेड़कर अगर बात की जाए सरकार की...तो इसमें कोई दो-राय नहीं कि सरकार के लिए जमधन योजना...बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है... यही वजह है कि सरकार भी इस योजना को लेकर बेहद गंभीर और महत्वकांक्षी है।
सरकार को फायदा
जनधन योजना से डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर होगा। यानी सिर्फ टारगेटेड लोग ही सब्सिडी का लाभ उठा पाएंगे।
इससे गैरजरूरतमंदों को दी जाने वाली सब्सिडी रोकने में मदद मिलेगी।
गांव में खेती करने वाले किसान कार्ड भी इसी योजना के तहत जारी होंगे।
हार्ड कैश में न देकर मनरेगा के तहत मजदूरी का भुगतान इन्हीं खातों के जरिए होगा।
क्यों कि नकदी का इस्तेमाल कम होगा लिहाजा इससे भ्रष्टाचार भी कम हो सकेगा।
इसकी मदद से असंगठित क्षेत्रों में पेंशन योजना लागू हो सकेगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनधन योजना को लेकर जो सपना देखा है...अगर वो पूरा हुआ.. तो जाहिर है कि इससे सरकार को भारी लाभ मिलेगा। हो सकता है कि ये योजना एनडीए सरकार के सफर में मील का पत्थर साबित हो।
यूपीए सरकार ने मनरेगा को बेहद जोर शोर से शुरू किया था...मनरेगा के तहत...यूपीए सरकार ने गरीबों के हित में एक ऐसी योजना की शुरूआत की थी..जिससे गरीबों को पूरी साल रोजगार मिला...शुरुआत में इस योजना को काफी सराहा गया... गरीब और मजदूर वर्ग ने भी इस योजना का भरपूर लाभ उठाया... यही वजह थी कि मनरेगा ने यूपीए को दोबारा सत्ता में बिठाया...लेकिन इस इतनी बड़ी योजना पर भ्रष्टाचार और घोटालों का ऐसा साया पड़ा कि.... मनरेगा गरीबों के लिए एक रोग बन गई... गरीबों के रोजगार पर खतरा मंडराने लगा..और अगर रोजगार मिला भी....तो उसका वक्त पर भुगतान नहीं हो पाया... इतना ही नहीं गरीबों की खून-पसीने की कमाई से... अधिकारियों कीस जेबें गर्म होने लगी। कड़ी मेहनत के बदले...कई बार मजदूरों को सिर्फ और सिर्फ जिल्लत ही मिल सकी। सरकारी अधिकारियों ने ही...देश में मनरेगा को पैसे खाने का जरिया बना लिया था... आखिरकार इस योजना का ऐसा हश्र हुआ कि गरीबों के लिए न रोजगार बचा और न ही उनके लिए कमाई का कोई साधन रहा।
एक बार फिर मोदी सरकार ने गरीब और मजदूर वर्ग के लिए एक बड़ी और शानदार योजना की शुरुआत की है... अगर ये योजना ठीक-ठीक चलती रही...तो इससे देश के गरीब, समाज और अर्थव्सवस्था को भारी फायदा होने की उम्मीद है..वहीं अगर इसपर भी भ्रष्टाचार और घोटालों का साया पड़ गया...तो इसके जो उम्मीर सरकार लगाए बैठी है...वो सब खटाई में पड़ सकती हैं। भ्रषटाचार के अलावा भी जनधन योजना के रास्ते में कई चुनौतियां हैं।.सरकार ने जिस शानदार तरीके से...इस योजना का आगाज़ किया है...हम भी उम्मीद करते हैं कि इसका परिणाम भी.. इतना ही शानदार हो.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजधानी दिल्ली में 'प्रधानमंत्री जन धन योजना' का शुभारंभ किया। इस योजना का शुभारंभ दिल्ली के विज्ञान भवन से किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वित्त मंत्री अरुण जेटली भी मौजूद थे। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस योजना का व्यापक लाभ होगा। उन्होंने कहा कि आज देश में कई रिकार्ड बने हैं। उन्होंने कहा कि एक दिन में 1.5 करोड़ लोगों का बीमा होना और खाते खुलना... अपने आप में एक रिकार्ड है। उन्होंन ये भी कहा कि इस रिकार्ड से शासन में बैठे लोगों का विश्वास बढ़ेगा।
इस योजना के तहत बैंक खाते से 15 करोड़ लोगों को जोड़ने की योजना है। आम लोगों को वित्तीय सेवाओं से जोड़ने के लिए... अब देश के हर व्यक्ति के पास अपना बैंक खाता होगा। देशभर में 76 केंद्रों से.. एक साथ इस योजना की शुरुआत की गई। इस योजना के तहत... हर खाताधारक को एक डेबिट कार्ड और एक लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर दिया जाएगा। आगे चलकर उन्हें पेंशन के दायरे में भी लाया जाएगा।
ये योजना एक राष्ट्रीय मिशन है, जिसका उद्देश्य देश में सभी परिवारों को बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराना और हर परिवार का एक बैंक खाता खोलना है। इस योजना के तहत कम-से-कम 7.5 करोड़ परिवारों को कवर किए जाने का अनुमान है।
एनडीए सरकार का सपना
शुरू हुई सबसे बड़ी योजना
मनरेगा की टक्कर में
जनधन योजना का आगाज़
उद्घाटन के मौके पर
1 करोड़ बैंक खातों का लक्ष्य
यूपीए सरकार देश के पांच करोड़ परिवारों के.... 12 करोड़ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए मनरेगा लेकर आई थी। गरीबों को रोजगार देने के लक्ष्य से बनाई गई मनरेगा से ना सिर्फ गरीब परिवारों को...बल्कि यूपीए सरकार को भी इससे सियासी फायदा मिला... इसी योजना की टक्कर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एनडीए सरकार....जनधन योजना शुरू कर रही है। इसका उद्घाटन 28 अगस्त को हुआ....इस योजना के तहत... पहले ही दिन..सरकार ने एक करोड़ बैंक खाते खोलने का लक्ष्य रखा है। सरकार को लक्ष्य है कि अगस्त 2018 तक...इस योजना से 7.5 करोड़ परिवार जुड़ सकेंगे...और 15 करोड़ बैंक खाते खोले जाएंगे। इस योजना का मूल उद्देश्य गांवों और शहरों में रहने वाली गरीब आबादी को बैंकों से जोड़ने का है...ताकि एक गरीब इंसान भी अपनी बचत का हिस्सा बैंकों में जमा करा सके। और वक्त-जरूरत में उसका लाभ उठा सके। गौरतलब है कि देश में 7.64 करोड़ शहरी गरीब और 2.55 करोड़ ग्रामीण गराबों के पास बैंक खाते नहीं हैं। ऐसे में इन लोगों को जनधन योजना का काफी लाभ मिल सकता है।
क्या है जनधन योजना ? -
आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के बैंक खाते खोलने का लक्ष्य है।
7.5 करोड़ परिवारों को टारगेट किया गया है।
हर परिवार में दो-दो यानी कुल 15 करोड़ खाते अगले चार साल में खोले जाएंगे।
उन लोगों को भी शामिल किया जाएगा जिनके पास एक भी बैंक खाता नहीं है।
इस योजना को कामयाबी का अमलीजामा पहनाने के लिए..सरकार ने कड़ी प्लानिंग भी कर रखी है... गरीब लोगों को बैंक खाता खुलवाने में दिक्कतों का सामना न करना पड़ा... इसके लिए सरकार ने देशभर में 60 हजार शिविर लगाने की तैयारी की है...इतने ही नहीं जगह-जगह लोगों को जनधन योजना से जागरुक कराने के लिए...76 बड़े कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। उम्मीद करते हैं कि जिस शानदार तरीके से...सरकार ने इस योजना का आगाज़ किया है...इसका परिणाम भी इतना ही शानदार हो।
जनधन योजना की खास बातें
पहला फायदा
बढ़ेगा रोजगार
15 करोड़ खाते खोलने के लिए बिजनेस कॉरस्पन्डेंट्स की नियुक्ति होगी। इससे 50 हजार लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा।
दूसरा फायदा
ब्याज भी मिलेगा
इस सुविधा में ना सिर्फ आपकी रकम सुरक्षित रहेगी बल्कि पैसों की सुरक्षा के साथ उस पर ब्याज भी मिलेगा।
तीसरा फायदा
मिलेगा दुर्घटना बीमा
इस महत्वाकांक्षी योजना में एकाउंट खुलवाने वाले को एक लाख रुपए का दुर्घटना बीमा भी मिलेगा। सरकार व समाज की नज़र से यह बेहद सुविधाजनक व बेहतर योजना है।
चौथा फायदा
मिनिमम बैलेंस
योजना के तहत मिनिमम बैलेंस रखने की कोई बाध्यता नहीं है। आजकल तमाम आधुनिक बैंकों में अगर आप सीमा से कम बैलेंस रखते हैं तो आपका रुपया डिडक्ट हो जाता है।
पांचवां फायदा
पैसा भेजिए
इस योजना को अपनाकर आप देश में कहीं भी पैसे भेज सकते हैं। ख़ासकर इस के लिए अभी तक आपको मनी ट्रांस्फर की हाइटेक योजनाओं के सहारे रहना पड़ता था।
छठा फायदा
DBT
प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण जैसे प्लान के जरिए आपको अपना लाभ सीधे खाते में ही मिल जाएगा। इसके लिए आपको किसी भी तरह का स्पेशल क्लेम करने की ज़रूरत नहीं है।
सातवां फायदा
ओवरड्राफ्ट की सुविधा
खाता खुलने के छह महीने के बाद ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी दी जाएगी। आम तौर पर ओवरड्राफ्ट उस स्थिति को कहा जाता है जब आपके खाते में ज़ीरो से भी कम बैलेंस रह जाए और निकासी जारी रहे।
आठवां फायदा
KYC में सख्ती नहीं
अगर खाता खोलने के इच्छुक व्यक्ति के पास आधार नंबर या आधार कार्ड है, तो फिर उसे किसी भी अन्य प्रमाण की जरूरत नहीं है। पता बदलने पर आप नए पते को खुद से प्रमाणित करके दे सकते हैं। आधार कार्ड ना होने पर मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, से भी काम चल जाएगा।
सरकार जनधन योजना को काफी महत्वकांक्षी है...सरकार को उम्मीद है कि इससे करोडों लोगों को फायदा मिलेगा...यही वजह है कि इस योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार ने इसमें कई महत्वपूर्ण सुविधाएं भी दी हैं.. देखना होगा कि जनता को इस योजना से कितना लाभ मिल पाता है।
सरकार जनधन नाम की जिस महत्वकांक्षी योजना को लेकर आई है...उससे ना सिर्फ आम आदमी या गरीब को फायदा पहुंचेगा..बल्कि इससे खुद सरकार और अर्थव्यवस्था पर भी अच्छा असर पड़ने की उम्मीद है। क्योंकि देश की आबादी का बड़ा हिस्सा.. अपनी बचत गुल्लक या घर में रखता है..इस य़ोजना का लक्ष्य उस रुपये को घर से निकालकर बैंकों तक पहुंचाने का है...ऐसे में जब करोड़ों लोग अपनी बचत का छोटा-छोटा हिस्सा बैंकों पर पहुंचाएंगे...तो इससे समाज में पैसे का सर्कुलेशन बढ़ेगा..जिससे जाहिर तौर पर अर्थवस्था को मजबूती मिलेगी।
अर्थव्यवस्था पर असर
इस योजना से गुल्लक की बचत यानी गांव का पैसा बैंकों तक पहुंचेगा।
योजना के तहत सात हजार बैंक शाखाएं और 20 हजार एटीएम खोले जाएंगे।
ओवरड्राफ्ट सुविधा के डिफॉल्टरों की भरपाई के लिए क्रेडिट गारंटी फंड भी बनेगा। ताकि बैंकिंग क्षेत्र को नुकसान ना झेलना पड़े।
7.5 करोड़ लोगों का बीमा होगा। इससे माइक्रो इंश्योरेंस सेक्टर को फायदा होगा।
बैंकिंग सुविधाएं गांवों तक पहुंचाने के लिए डाक विभाग भी अहम भूमिका में आएगा।
वीओ - अर्थव्यवस्था और समाज को छेड़कर अगर बात की जाए सरकार की...तो इसमें कोई दो-राय नहीं कि सरकार के लिए जमधन योजना...बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है... यही वजह है कि सरकार भी इस योजना को लेकर बेहद गंभीर और महत्वकांक्षी है।
सरकार को फायदा
जनधन योजना से डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर होगा। यानी सिर्फ टारगेटेड लोग ही सब्सिडी का लाभ उठा पाएंगे।
इससे गैरजरूरतमंदों को दी जाने वाली सब्सिडी रोकने में मदद मिलेगी।
गांव में खेती करने वाले किसान कार्ड भी इसी योजना के तहत जारी होंगे।
हार्ड कैश में न देकर मनरेगा के तहत मजदूरी का भुगतान इन्हीं खातों के जरिए होगा।
क्यों कि नकदी का इस्तेमाल कम होगा लिहाजा इससे भ्रष्टाचार भी कम हो सकेगा।
इसकी मदद से असंगठित क्षेत्रों में पेंशन योजना लागू हो सकेगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनधन योजना को लेकर जो सपना देखा है...अगर वो पूरा हुआ.. तो जाहिर है कि इससे सरकार को भारी लाभ मिलेगा। हो सकता है कि ये योजना एनडीए सरकार के सफर में मील का पत्थर साबित हो।
यूपीए सरकार ने मनरेगा को बेहद जोर शोर से शुरू किया था...मनरेगा के तहत...यूपीए सरकार ने गरीबों के हित में एक ऐसी योजना की शुरूआत की थी..जिससे गरीबों को पूरी साल रोजगार मिला...शुरुआत में इस योजना को काफी सराहा गया... गरीब और मजदूर वर्ग ने भी इस योजना का भरपूर लाभ उठाया... यही वजह थी कि मनरेगा ने यूपीए को दोबारा सत्ता में बिठाया...लेकिन इस इतनी बड़ी योजना पर भ्रष्टाचार और घोटालों का ऐसा साया पड़ा कि.... मनरेगा गरीबों के लिए एक रोग बन गई... गरीबों के रोजगार पर खतरा मंडराने लगा..और अगर रोजगार मिला भी....तो उसका वक्त पर भुगतान नहीं हो पाया... इतना ही नहीं गरीबों की खून-पसीने की कमाई से... अधिकारियों कीस जेबें गर्म होने लगी। कड़ी मेहनत के बदले...कई बार मजदूरों को सिर्फ और सिर्फ जिल्लत ही मिल सकी। सरकारी अधिकारियों ने ही...देश में मनरेगा को पैसे खाने का जरिया बना लिया था... आखिरकार इस योजना का ऐसा हश्र हुआ कि गरीबों के लिए न रोजगार बचा और न ही उनके लिए कमाई का कोई साधन रहा।
एक बार फिर मोदी सरकार ने गरीब और मजदूर वर्ग के लिए एक बड़ी और शानदार योजना की शुरुआत की है... अगर ये योजना ठीक-ठीक चलती रही...तो इससे देश के गरीब, समाज और अर्थव्सवस्था को भारी फायदा होने की उम्मीद है..वहीं अगर इसपर भी भ्रष्टाचार और घोटालों का साया पड़ गया...तो इसके जो उम्मीर सरकार लगाए बैठी है...वो सब खटाई में पड़ सकती हैं। भ्रषटाचार के अलावा भी जनधन योजना के रास्ते में कई चुनौतियां हैं।.सरकार ने जिस शानदार तरीके से...इस योजना का आगाज़ किया है...हम भी उम्मीद करते हैं कि इसका परिणाम भी.. इतना ही शानदार हो.

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