प्रधानमंत्री बनने के
बाद नरेंद्र मोदी अपनी विदेश यात्राओं को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। अपने
डेढ़ साल के कार्यकाल में पीएम ने कई देशों की यात्रा की। साल 2015 में भी मोदी कई देशों
के दौरे पर गए। हम आपको बता रहे हैं मोदी की वो 10 विदेश यात्राएं जो रहीं खास।
25 दिसंबर को अचानक
पाकिस्तान जाना मोदी की विदेश यात्राओं में सबसे खास रहा। ये ऐसी यात्रा थी,
जिसकी किसी को भी खबर नहीं थी और मोदी के अचानक पाक जाने से पूरी
दुनिया चौंक गई, किसी ने इसे मोदी का मास्टर स्ट्रोक कहा तो
किसी ने उनकी भूल बताया।
पाकिस्तान से पहले
मोदी अफगानिस्तान के दौरे पर गए थे। अफगानिस्तान की जमीन पर पनपने वाले आतंक का
साया भी भारत पर रहा है। अफगानिस्तान से रिश्तों की ये शुरूआत आने वाले समय में
सुरक्षा की दृष्टि से कितने सकारात्मक परिणाम ला सकती है।
मोदी का रुस दौरा भी
बेहद खास रहा, ये देश हमारा पुराना साथी है और हम मुश्किल के वक्त हमारे
साथ खड़ा रहा है। न्यूक्लियर ऊर्जा के इस्तेमाल के लिए मिलकर काम करने और अन्य
निवेशों पर इस यात्रा के दौरान दोनों ही देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौते हुए।
1 दिसंबर को मोदी की
फ्रांस यात्रा भी बेहद खास रही, पेरिस आतंकी हमले के बाद
मोदी की यात्रा बहुत अहम रही। आतंक के मुद्दे पर भारत हमेशा आवाज उठाता रहा लेकिन
इसे भारत की समस्या कहकर खारिज कर दिया जाता था।
मोदी का मलेशिया दौरा
भी अहम रहा। मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजक से पीएम मोदी ने कई महत्वपूर्ण
मुद्दों पर बात की। दोनों देशों ने डिफेंस और सिक्योरिटी पर कई महत्वपूर्ण समझौते
किए।
नवंबर में पीएम मोदी
सिंगापुर की यात्रा पर गए, सिंगापुर से स्मार्ट सिटी और नवीन ऊर्जा के क्षेत्रों में
कई महत्वपूर्ण बातें और समझौते हुए है।
15-16 नवंबर को जी 20
देशों की समिट पीएम मोदी पहुंचे। इस यात्रा के दौरान मोदी का ध्यान
निवेश, परस्पर सहयोग और आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई ही रहा।
दुनिया के जिन मंचों पर भी बड़े नेता जुटे वहां मोदी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
पीएम मोदी का इंग्लैंड
दौरा बेहद खास रहा। 3 दिन की अपने यूके यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 27 डील की।
सितंबर में मोदी की
यूएस यात्रा सबसे यादगार यात्राओं में गिनी जाएगी अपनी इस यात्रा के दौरान
प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के सायबर हब सेन होजे में गूगल, फेसबुक, टेस्ला जैसी तमाम
कंपनियों के सीईओ के साथ मुलाकात की। फेसबुक के तो टाउनहॉल कार्यक्रम का भी मोदी
हिस्सा बने।
पाकिस्तान के करीबी
माने जाने वाले यूएई की यात्रा भी मोदी के लिए खास रही। शेख जायद मस्जिद में जाकर
भी उन्होंने इस्लाम के प्रति सम्मान का संदेश दिया। व्यवसायिक दृष्टिकोण से भी ये
यात्रा काफी महत्वपूर्ण मानी गई।
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