यूरोपीय संसद के सदस्य अफजल खान ने कहा है कि पाकिस्तान के प्रति भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अच्छा बर्ताव देश को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की स्थायी सदस्यता दिलाने के उनके प्रयासों का एक हिस्सा है।
समाचारपत्र ‘डॉन’ की वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संघ (ईयू) की सुरक्षा एवं रक्षा समिति के उपाध्यक्ष अफजल ने रविवार को कहा कि भारत जब तक मानवाधिकार व कश्मीर जैसे मुद्दों का हल सुनिश्चित नहीं कर लेता, तब तक ऐसे प्रयासों का फायदा नहीं उठा सकता।
उन्होंने कहा, “अंतर्राष्ट्रीय समुदाय आधारभूत मानवाधिकारों को लेकर काफी फिक्रमंद है। सबसे बड़ी बात यह है कि एक ऐसा देश यूएनसीएस का स्थायी सदस्य कैसे बन सकता है, जिसने कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को लागू न किया हो। भारत अगर सबसे बड़ा लोकतंत्र होने का दावा बरकरार रखना चाहता है, तो उसे यूएन प्रस्ताव का सम्मान करना होगा।”
अफजल ने कहा कि यूरोपीय संघ ने मानवाधिकारों को व्यापार से जोड़ा है, इसलिए यह कभी भारत को मानवाधिकारों का उल्लंघन नहीं करने देगा।
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