Tuesday, 3 June 2014

आखिर सफर

विजय कुमार राय 


















नहीं रहे गोपीनाथ मुंडे
बीजेपी के कदद्दावर नेता और पीएम नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में ग्रामीण विकास मंत्री गोपीनाथ मुंडे...की मंगलवार सुबह सड़क हादसे में मौत हो गई... ये दुखद घटना के बाद मुंडे के परिवार और सियासी गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।
कैसे हुआ हादसा ?
वक्त -  सुबह 6.20 बजे
गोपीनाथ मुंडे अपनी सरकारी गाड़ी SX4 से दिल्ली हवाई अड्डे जा रहे थे।  इसी दौरान उनकी कार को एक इंडिका गाड़ी ने टक्कर मार दी..दुर्घटना मोती बाग इलाके के अरविंदो मार्ग पर हुई...कार में मुंडे के अलावा दो और लोग सवार थे। मुंडे पीछे की सीट पर अकेले बैठे हुए थे...लेकिन वो जिस तरह बैठे हुए थे..उसी तरफ टक्कर लगी। टक्कर लगते ही मुंडे सीट पर गिर गये.. उस वक्त उनकी हालत थोडी नॉर्मल थी...उन्होंने अपने सुरक्षा गार्ड से पानी मांग कर पिया..और इसके बाद मुंडे ने कहा कि उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया जाए...लेकिन अस्पताल जाने से पहले ही मुंडे बेहोश हो गए थे।
वक्त - सुबह 6:30 बजे -
दुर्घटना के 10 मिनट बाद ही.. मुंडे को एम्स के ट्रॉमा सेंटर लाया गया। आनन-फानन में डॉक्टरों की टीम उनके इलाज में जुट गई।
वक्त - सुबह 7.48  बजे - -
करीब 50 मिनट की जद्दोजहद के बाद... डॉक्टर मुंडे को बचाने में नाकाम साबित हुए..और उन्होंने मुंडे को मृत घोषित कर दिया।
दिल का दौरा भी पड़ा

डॉक्‍टरों ने बताया कि एक्‍सीडेंट के बाद मुंडे के शरीर में गंभीर चोटें तो नहीं आईं, लेकिन उनको हार्ट अटैक आया था। उन्‍होंने कहा कि मुंडे को बचाने के लिए हरसंभव कोशिश की गई, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिल सकी। उधर, हादसे की खबर जैसे ही सामने आई, भाजपा के कई बड़े नेता और केंद्रीय मंत्री मुंडे का हालचाल  जानने के लिए एम्‍स ट्रॉमा सेंटर रवाना हो गए ।
वक्त - सुबह 11.30 बजे
दिल्ली के एम्स अस्पताल में ही गोपीनाथ मुंडे का पोस्टमॉर्टम किया गाया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ये बात साफ हो गई कि मुंडे की मौत लीवर में चोट लगने से हुई है... चोट लगने के बाद उनके शरीर में इंटरनल ब्लिडिंग भी हुई।
वक्त - दोपहर 12.30 बजे
पोस्टमॉर्टम के बाद मुंडे के पार्थिव शरीर को... सम्मान के साथ..सेना के ट्रक में.... एम्स अस्पताल से बीजेपी मुख्यालय पहुंचाया गया। जहां उन्हें श्रृद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। पार्टी के तमाम बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुंडे को नम आंखों से अंतिम विदाई दी...और उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की।
वक्त - शाम 4 बजे
अंतिम दर्शन के बाद ुंडे के पार्थिव शरीर को.. विशेष विमान से महाराष्‍ट्र उनके पैतृक गांव ले जाया गया..., जहां बुधवार सुबह उनका अंतिम संस्‍कार किया जाएगा। आपको बता दें कि मुंडे की मौत की खबर सुनते ही उनका परिवार दुख और आंसुओं में डूब गया। मुंडे के संसदीय क्षेत्र बीड़ के अलावा...पूरे महाराष्‍ट्र का माहौल भी गमगीन हो गया है...  वहीं बीजेपी ने अपने खेमे से... हमेशा के लिए एक कद्दावर नेता को खो दिया।-------- 

जिस इंडिया गाड़ी से मुंडे को टक्कर लगी थी..उसके ड्राइवर गुरजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है... गुरजीत होटल इम्पीरियल में कर्मचारी है। इसके अलावा जिसे गाड़ी में मुंडे सवार थे...उस SX4 गाड़ी को भी अरबिदों रोड थाने में पहुंचा दिया गया है। 

सियासत के सितारे की मौत
चारों तरफ उमड़ा शोक
बीजेपी के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की मौत से.. लाखों करोड़ों लोगों के दिलों को गहरा धक्का लगा है। जिस किसी ने भी ये मनहूस खबर सुनी... वही कुल पलों के लिए सन्न रह गया.. महज़ आठ दिन पहले ही ग्रामीण विकास मंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले मुंडे यूं अचानक दुनिया छोड़ कर चले जाएंगे.. किसी को यकीन न हुआ... मुंडे की मौत ना सिर्फ बीजेपी के लिए.. बल्कि तमाम नेताओं के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। इस दुखद घटना पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने ट्विटर के जरिए गहरा शोक व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अपने मित्र गोपीनाथ मुंडे की मौत से बेहद दुखी और स्तब्ध हूं। गोपीनाथ मुंडे का निधन देश और सरकार के लिए बड़ी क्षति है। मुंडे सच्चे जननेता थे। पिछड़ी जाति से आने वाले मुंडे ऊंचाईयों तक पहुंचे और बिना थके लोगों की सेवा करते रहे। मुंडे जी के परिवार के साथ हमारी संवेदनाएं हैं। हम दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं।
दिल्ली पहुंचा परिवार
मुंडे की मौत की खबर जैसे ही उनके परिवार को लगी...वो फौरन दिल्ली के लिए रवाना हो गया...मुंडे का परिवार विशेष विमान से मुंबई से दिल्ली पहुंचा... उनकी बेटी पंकजा और दामाद ने एम्स पहुंचकर उनकी मौत की जानकारी ली..और फिर उनके पार्थिव शरीर के साथ... बीजेपी मुख्यालय पहुंचे। बीजेपी मुख्यालय में पहले से उन्हें श्रृद्धांजलि देने वालों की भीड़ थी... शव के यहां पहुंचते ही लोगों की आंखें नम हो गईं...किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी..कि मुंडे इतनी जल्दी..उन्हें इस तरह छोड़ कर चले जाएंगे.. क्या परिवार वाले और क्या नेता.. इस गमगीन मौके पर हर किसी की आंखें नम थीं। मुंडे के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेट कर..उन्हें राजकीय सम्मान के साथ श्रृद्धांजलि दी गई....पार्टी के आला नेताओं ने उनकी आत्मा की शांति के लिए फूल और गुलदस्ते भेंट किए... राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी मुंडे को फूल भिजवाए... वहीं बीमार हालत में अटल बिहार वाजपेयी इस शोक सभा में नहीं पहुंच सके..लेकिन उन्होंने भी मुंडे की याद में श्रृद्धा सुमन भिजवाए।
इस शोक सभा में पीएम नरेन्द्र मोदी भी पहुंचे.. मोदी ने मुंडे के परिवार वालों से बातचीत की... और उन्हें ढाढस बंधाते हुए.. इस दुख की घ़ड़ी में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
गोपीनाथ मुंडे के आकस्मिक निधन पर ना सिर्फ बीजेपी बल्कि विपक्षी दलों के नेताओं और बॉलिवुड हस्तियों ने भी गहरा शोक व्यक्त किया। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री शरद पवार और अजय माकन ने भी इस दुखद घटना पर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।


गोपीनाथ मुंडे के निधन से मुझे गहरा धक्का लगा है। हमने एक जननेता खो दिया है। मेरी विनम्र श्रद्वांजलि - शरद पवार


मुझे विश्वास नहीं हो रहा, कल शाम ही किसानों के मुद्दे पर मेरी उनसे बात हुई थी -  रामविलास पासवान

गोपीनाथ मुंडे जी की मौत देश और पार्टी के लिए एक अपूर्णीय क्षति है - शाहनवाज हुसैन

गोपीनाथ मुंडे की मौत से सदमे में हूं और काफी दुखी हूं। देश के यह एक बड़ी क्षति है। परिवारजनों के प्रति मैं संवेदना व्यक्त करता हूं - अजय माकन

फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर ने कहा कि मुंडे जी के निधन की खबर सुनकर सदमे में हूं। उनमें अदभुत नेतृत्व क्षमता थी और वे हमेशा जमीन से जुड़े नेता रहे। हम कभी उनको भूल नहीं पाएंगे।

मातम में तब्दील जश्न
ये मंज़र है....दिल्ली में 11- अशोक रोड पर बने बीजेपी ऑफिस का.. यहां हर किसी की आंखें नम हैं..दिलों में दर्द भरा है.. दर्द अपने एक ऐसे साथी के खोने का..जिसने पार्टी के लिए खूब पसीना बहाया...बीजेपी मुख्यालय में सफेद तंबू के नीचे... मुंडे का पर्थिव शरीर और उसके चारों तरफ बिलखते परिजन और मित्रगण... दीवार पर लगी मुंडे की बड़ी सी तस्वीर और उस पर टंगी फूलमाला को देख कर.. सबके दिल सहम उठे। इस दुखद घटना पर कोई यकीन करे तो भला कैसे। जो शख्स कल तक भारत की तरक्की के नए सपने बुन रहा था.. वो कैसे अपना काम अधूरा छोड़ कर..बिना किसी को कुछ बताए.. हमेशा के लिए यूं दुनिया छोड़ कर चला गया।
मातम में तब्दील जश्न
16 मई            3 जून

आज से करीब 15 दिन पहले इसी दफ्तर में खुखियां मनाई जा रही थीं.. लोकसभा चुनाव में जीत के बाद... बीजेपी मुख्यालय को लाइटों, फूलों और झंडों से सजाया गया था। अभी जश्न की यादें फीकी भी न पड़ी थीं...कि यहां दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। किसको मालूम था कि बीजेपी की जीत की खुशियों पर... ये दुखद हादसा पानी फेर देगा। आठ दिन पहले ही मुंडे ने ग्रामीण विकास मंत्री पद की शपथ ली थी...वक्त का फेर देखिए कि पांच साल तक साथ निभाने का वादा करने वाले मुंडे..आठ दिन बाद ही अपने जिम्मेदारियां अधूरी छोड़ कर चल बसे।
शपथ से 30 घंटे पहले मौत
अगले ही दिन...करीब 30 घंटे बाद मुंडे सांसद की शपथ लेने वाले थे। लेकिन वक्त ने उसकी जिंदगी में ये मौका आने ही नहीं दिया... आपको बता दें कि महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपने वाली थी। माना जा रहा था कि पार्टी वहां अच्छा प्रदर्शन करती है... तो मुंडे को मुख्यमंत्री भी बनाया जा सकता था। मुंडे की मौत से बीजेपी को जो नुकसान हुआ है..उसकी भरपाई मुश्किल है...मुंडे की मौत के साथ..महाराष्ट्र में बीजेपी की एक मजबूत कड़ी टूट गई।
प्रभावी व्यक्तित्व
मिलनसार स्वभाव
जनता के चहेते
सियासत के सिकंदर
खत्म हुआ सफ़र...
गोपीनाथ मुंडे महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा नाम थे। वो 1995 में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री भी रहे। मुंडे की पहचान जमीन से जुड़े नेता के रूप में होती थी। हाल के लोकसभा चुनावों में गोपीनाथ मुंडे महाराष्ट्र के सबसे चमकदार चेहरे के रूप में सामने आए। मुंडे पिछड़े वर्ग में अच्छा प्रभाव रखने वाले महत्वपूर्ण नेता थे। वो पिछले 40 साल से बीजेपी से जुड़े थे।

मुंडे एक ऐसे नेता थे जो पिछले 37 साल से चुनाव जीतते रहे। महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की एक महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर मुंडे की पहचान होती है। गोपीनाथ मुंडे के शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे से घनिष्ठ सम्बन्ध थे और मुंडे की कोशिशों के बाद ही महाराष्ट्र में बीजेपी शिवसेना का गठबंधन हुआ था।

व्यक्तिगत जीवन
गोपीनाथ पांडुरंग मुंडे का जन्म महाराष्ट्र के बीड जिले के परली गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। मुंडे के पिता गांव में एक किसान थे, उनकी मां का नाम लिंबाबाई मुंडे था। मुंडे ने अपनी प्राथमिक शिक्षा नाथ्रा में पूरी की। 21 मई 1978 को उन्होंने प्रमोद महाजन की बहन प्रज्ञा महाजन से शादी की। मुंडे बॉलीवुड के सुपरस्टार राजेश खन्ना के जबरदस्त फैन थे। इस बारे में मुंडे ने एक कार्यक्रम में खुद खुलासा किया था। वो राजेश खन्ना की हर फिल्म पहले दिन पहले शो में देखा करते थे।...मुंडे अपने पीछे तीन बेटी पंकजा पालवे, डॉक्टर प्रीतम मते और यशश्री मुंडे को छोड़ गए हैं।
सियासी सफ़र पर एक नज़र
ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद मुंडे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और यहीं से मुंडे ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। मुंडे की पहचान एक सादा जीवन जीने वाले नेता के रूप में होती है। मुंडे महाराष्ट्र की विधानसभा में 1980 से 2009 तक विधायक रहे। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री का कार्यभार संभाला...और इस कसौटी पर खरे भी उतरे।

2009 में गोपीनाथ मुंडे बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पहली बार लोकसभा सदस्य बने। बीड से चुनाव जीतने के बाद मुंडे लोकसभा में पहली बार बीजेपी के उपनेता बने। 6 जनवरी, 2010 को उन्होंने लोक लेखांकन समिति के अध्यक्ष का पदभार संभाला। महाराष्ट्र से गोपीनाथ मुंडे 29 जनवरी 2007 को महासचिव बनाए गए।

31 अगस्त, 2009 से वे वित्तीय समिति के सदस्य घोषित किए गए। 16 सितंबर, 2009 को मुंडे को गृह मंत्रालय की परामर्शदाता समिति का सदस्य बनाया गया।

1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद शरद पवार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने, लेकिन गोपीनाथ मुंडे ने पवार का नाम अंडर्वल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जोड़ कर पूरे राज्य मे दौरा किया था। मुंडे के इस प्रचार से पवार खासे बदनाम हुए और 1995 में महाराष्ट्र की गद्दी पर शिवसेना-भाजपा की सरकार बनी। इस सरकार में गोपीनाथ मुंडे को उपमुख्यमंत्री के साथ गृहमंत्री का पद मिला। इस दौरान मुंडे ने पूरे राज्य में कई दौरे किए... मुंडे ने उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री के तौर पर अंडरवर्ल्ड के खात्मे पर जोर दिया, मुंबई पुलिस ने उन्हीं के कार्यकाल मे अंडरवर्ल्ड गुर्गों के एन्काउंटर किए। मुंडे की ये सबसे बड़ी सफलता थी।

इसके बाद जब भी चुनाव हुए.. महाराष्ट्र में गोपीनाथ मुंडे हमेशा कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन के लिए एक चुनौती बने रहे।




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