मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को लेकर
जारी तनातनी के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के
बीच बने गतिरोध पर कुछ कहने से इंकार कर दिया है। इस गतिरोध के चलते लाखों छात्रों
का भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुयी है। ईरानी ने आज संवाददाताओ के इस बारे में
पूछे जाने पर कहा कि उन्हें इस संबंध में बोलने का कुछ अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय
है कि इस विवाद को हल करने के लिये कल उन्होंने यूजीसी के अध्यक्ष वेद प्रकाश से
विचार विर्मश किया था। उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेत्र करने से इंकार कर दिया था
लेकिन कहा था कि डीयू को यूजीसी की बात माननी चाहिये। यूजीसी ने गत रविवार को डीयू
को चार वर्षीय पाठ्यक्रम को तीन वर्ष का करने का निर्देश दिया था जिसे डीयू ने
मानने से इंकार कर दिया। यूजीसी ने एक सार्वजनिक सूचना जारी करके कहा कि डीयू की ओर
से पेश पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति, डीयू के निर्धारित ढांचे और दिल्ली
विश्वविद्यालय अधिनियम के अनुरुप नहीं है और कॉलेज केवल तीन वष्रीय पाठ्यक्रम में
ही दाखिला लें। इस गतिरोध के चलते छात्रों के दाखिले को लेकर अनिश्चितता की स्थिति
बनी हुयी है। डीयू ने दाखिले की प्रक्रिया स्थगित कर दी है। दाखिले के संबंध में
पहली कट आफ लिस्ट आज आनी थी लेकिन अब यह तय नहीं है कि पहली लिस्ट कब आयेगी। इस बीच
इस मुद्दे को लेकर छात्र संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला आज भी जारी
रहा।

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