सिडनी और पेशावर में दहशत के बाद.... दिल्ली में भी आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। हाफिज सईद की अगुवाई में पाकिस्तान के दो बड़े आतंकी संगठन भारत में बड़े आतंकी हमले की साजिश को अंजाम दे सकते हैं। जी हां लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा दिल्ली-आगरा हाईवे और दिल्ली के दो होटलों पर हमले की फिराक में हैं। खुफिया एजेंसी आईबी और मैक की इस जानकारी के बाद गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। सिडनी और पेशावर की घटना के बाद दिल्ली, मुंबई समेत देश के कई बड़े शहर पहले से ही हाईअलर्ट पर हैं, और उन्हें और सतर्क रहने को कहा गया है। सूत्रों ने कहा कि खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि हाफिज अपने सोर्सिस के जरिए भारत में ‘सॉफ्ट टारगेट’ की तलाश कर रहा है। हाफिज़ सईद ने पिछले दिनों पाक में सभा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी को खुली धमकी देते हुए भारत में तबाही फैलाने की बात कही थी।
आतंकी सरगना की धमकी
मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने भारत के खिलाफ फिर जहर उगला है। पाकिस्तान के पेशावर में आर्मी स्कूल पर हुए तालिबान के हमले के लिए हाफिज ने भारत को जिम्मेदार ठहराया है। हाफिज ने भारत से पेशावर हमले का बदला लेने की चेतावनी भी दी है। जमात उद दावा के चीफ हाफिज ने एक जनसभा में कहा कि पेशावर हमले के लिए भारत जिम्मेदार है। हाफिज़ ने पीएम मोदी को टारगेट करते हुए कहा कि मोदी इस हमले पर मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं। इसके साथ ही हाफिज ने भारत से पेशावर हमले का बदला लेने की चेतावनी भी दी। आप भी देखिए इस आस्तीन के सांप की जुबां से निकला...एक-एक नापाक अल्फाज़।
पेशावर में आर्मी स्कूल पर जो हमला हुआ है उसका असल मुजरिम भारत का प्रधानमंत्री मोदी है। सब एक बात पर इकट्टे हो जाए कि हमें इन साजिशकर्ताओं से बदला लेना है।
गौरतलब है कि पेशावर के एक आर्मी स्कूल पर हुए तालिबानी आतंकवादी हमले में 132 बच्चों समेत 141 लोग मारे गए थे। इस घटना पर भारत ने गहरा दुख व्यक्त किया था और प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को फोन करके कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत पाकिस्तान के साथ खड़ा है। मोदी ने शरीफ से कहा था कि भारत दुख की इस घड़ी में पाकिस्तान को हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। मोदी की इसी दरियादिली से बौखलाए..हाफिज़ सईद ने भारत को दहलाने की साजिश रची है।
ओबामा दौरे से बौखलाए आतंकी
तबाही की फिराक में तालिबान
खुफिया एजेंसियों ने आगाह किया है कि आतंकी अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे के वक्त ..किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। हाफिज़ सईद की धमकी के बाद..ये मामला और भी संवेदन शील हो गया है। आतंकियों में इस बात की बौखलाहट है कि ओबामा के भारत दौरे से... भारत को कई फायदे होंगे..लिहाजा वो रंग में भंग डालने की पूरी फिराक में है। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक ओबामा भारत दौरे में... दिल्ली-आगरा हाईवे रूट से आगरा जा सकते हैं। इस दौरान पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद दावा साथ मिलकर..... दिल्ली-आगरा हाईवे पर हमला कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि जमात-उद-दावा का चीफ हाफिज सईद इस दौरान राजधानी दिल्ली के दो होटलों पर भी हमला करवा सकता है। हाफिज इस दौरान दिल्ली के इन होटलों की लॉबी पर हमले की योजना बना रहा है।
गौरतलब है कि बराक ओबामा 26 जनवरी को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। इस दौरान उनके आगरा जाने और वहां ताज महल का दीदार करने का भी कार्यक्रम है। हालांकि फिलहाल इसकी तारीख तय नहीं है। लेकिन ये माना जा रहा है कि सड़क मार्ग से वो आगरा जा सकते हैं। लिहाजा दिल्ली-आगरा एक्सप्रेस-वे पर आतंकी बाज नज़र गढ़ाए बैठे हैं।
हाल ही में राजस्थान में गिरफ्तार किए गए इंडियन मुजाहिद्दीन के दो आतंकियों ने पुलिसिया पूछताछ में इस बात का खुलासा भी किया है कि वो मार्च 2014 में आगर की रेकी कर चुके थे... इन्होंने दो दिन आगरा में ही बिताए..और ताज महल समेत कुछ मुख्य जगहों की वीडियो यू-ट्यूब के जरिए अपने साथियों तक पहुंचाई। ऐसे में ये बात साफ हो चुकी है कि दहशतगर्द आगरा के चप्पे-चप्पे से वाकिफ़ हैं.. बस अब उनका टारगेट आतंकी हमले का अंजाम तक पहुंचाने का है।
कहां-कहां हमले की योजना ?
सुरक्षा एजेंसियां हुईं सतर्क
गृह मंत्रालय के निर्देश
रेलवे, स्कूल और सार्वजनिक परिवहनों की सुरक्षा बढ़ाई जाए
संवेदनशील स्थानों पर मॉक ड्रिल भी आयोजित कराई जाए
राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां अपने सभी संसाधन सक्रिय करें
अगले साल जनवरी के अंत तक ज्यादा चौकन्ना रहने के निर्देश
देश की राजधानी समेत कई बड़े शहर, स्कूल, होटल, बाजार और हाईवे आतंकियों के टारगेट पर हैं। और इसका वक्त रहते पता भी लग चुका है... खुफिया एजेंसियों ने कई कॉल इंटरसेप्ट की हैं... जिससे उन्हें इनमें भारत पर आतंकी हमले की जानकारी मिली है। सवाल ये है कि इस खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां कितनी तैयार हैं।
भारत पर मंडरा रहा
आतंकवाद का खतरा
GTI और NBDC की रिपोर्ट
आंकड़ों ने उड़ाए होश
आतंकवाद से प्रभावित देशों में ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स यानी जीटीआई ने चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं...इन आंकड़ों में भारत को आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित...दुनिया का छठवां देश बताया गया है। इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नाइजीरिया और सीरिया के बाद...इस फेहरिस्त में छठा स्थान भारत का है। जबकि देश की एक सरकारी एजेंसी ... 'नेशनल बॉम्ब डाटा सेंटर' यानी NBDC के आंकड़े इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि... बम ब्लास्ट के मामले में भारत विश्व में तीसरा सबसे खतरनाक देश है।
NBDC का दावा है कि इराक और अफगानिस्तान के बाद भारत में... बम विस्फोट का सबसे ज्यादा खतरा है... इसके मुताबिक अफगानिस्तान से ज्यादा....आतंकवाद का खतरा भारत में रह रहे लोगों को है... NBDC के ताजा आंकड़े बताते हैं कि 2013 में भारत में 212 बम विस्फोट हुए, जबकि अफगानिस्तान में इसके आधे यानी सिर्फ 108 बम विस्फोट हुए.... आंतरिक परेशानी का सामना कर रहे बांग्लादेश में 75 विस्फोट हुए...वहीं साल भर में.. सीरिया में हुए... आतंकी धमाकों की संख्या..कुल 36 रही।
NBDC का दावा
साल बम धमाके
2013 212
2012 108
हालांकि 2013 में 2012 की तुलना में कम विस्फोट हुए.... 2012 में भारत में अलग-अलग जगहों पर 241 बम विस्फोट हुए.....इन धमाकों में कुल 113 लोगों की मौत हुईं... वहीं 419 लोग घायल हो गए....जबकि 2013 में....देशभर में 212 बम धमाकों को अंजाम दिया गया... इनमें मरने वालों की संख्या 130 थी....वहीं घायलों की संख्या 466 थी.....
GFX IN
आतंकवाद के ज़ख्म
साल कुल धमाके मौतें घायल
2012 241 113 419
2013 212 130 466
GFX OUT
NBDC के मुताबिक भारत में 80 फीसदी IED ब्लास्ट होते हैं....देश में पिछले दशक में हुए IED ब्लास्ट पर अगर गौर करें...तो बेहद खौफनाक तस्वीर सामने आती है...जी हां आकंड़े गवाह हैं कि...2004 से 2013 के बीच भारत में...धमाकों में जान गंवाने वालों का औसत 298 रहा और घायलों की संख्या 1,337 रही। आपको बता दें कि आईईडी ब्लास्ट का मतलब इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस है... जो धमाके के दूसरे तरीकों से काफी ज्यादा विनाशकारी है।
चौंकाने वाली बात तो ये है कि..भारत में आतंकी धमाकों में मरने वालों का आंकड़ा.... पिछले पांच साल के दौरान... अफगानिस्तान में 2010 में हुए सबसे ज्यादा 209 विस्फोटों से भी ज्यादा है...NBDC की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान, इराक और भारत में कुल मिलाकर... विश्व के 75 फीसदी बम विस्फोट होते हैं... इस ऐजेंसी का मानना है कि विस्फोट में आम लोगों को निशाना बनने से बचाने में.. दूसरे देशों की तुलना में भारत ने ज्यादा काम किया है। आपको बता दें कि भारत के अलावा पूरी दुनिया में.... 69 फीसदी हमले सीधे जनता को निशाना बनाकर किये गए.... जबकि भारत में संख्या सिर्फ 58 फीसदी ही ऐसे हमलों को अंजाम दिया गया.... बाकी बम विस्फोटों में सुरक्षाबलों और सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाया गया।
आतंकियों ने पिछले कुछ दशकों में.. भारत को बड़ी चोट दी है...इन हमलों में जान और माल का भारी- भरकम नुकसान भी हुआ है... और एक बार फिर ये इंसानियत के दुश्मन....देश में खौफ बरपाने की तैयारी में हैं...लेकिन इस बार भारत भी इनका डंक कुचलने की पूरी तैयारी में है। मोदी सरकार आतंकवाद को लेकर बेहद गंभीर है,...और वो इन्हें नेस्तो नाबूत करने के लिए..किसी भी हद तक जाने को तैयार है...लिहाज़ा उन्हें भी याद रखना होगा कि भारत पर..ज़रा भी नज़र डेढी की..तो अंजाम बेहद बुरा होगा।

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