Thursday, 25 February 2016

प्रभु की रेल कितनी पास कितनी फेल

एक तरफ घटती आमदनी और दूसरी तरफ बढ़ता खर्च। इसके बीच सही और संतुलित रेल बजट बनाना कोई आसान काम नहीं है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने एक ऐसा बजट पेश किया है जिसमें प्लान से ज्यादा चलते हुए प्रोजेक्ट पर जोर है। रेल यात्री भाड़े नहीं बढ़ाए गए और फ्रेट भी नहीं बढ़ा। लेकिन ऐसे में रेल को मॉडर्न बनाने के लिए जो पूंजी चाहिए, वो कहां से आएगी। क्या रेल बजट में कोई बड़ा आइडिया नजर आ रहा है।


ये कहें कि प्रभु का प्रसाद मीठा है तो गलत नहीं होगा। आय में खासी कमी और खर्चों के अंबार के बीच रेल मंत्री ने सबको खुश करने वाला बजट दिया है। न तो यात्री किराया बढ़ा है न ही माल भाड़ा। बावजूद इसके प्रभु ने रेल बजट में निवेश को दोगुना करने, नई ट्रेन चलाने, रेल सुविधाएं और सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई बड़े एलान किए हैं।


आज प्रभु ने रेल यात्रियों के लिए कई सुविधाओं का एलान किया। अब रेल रिजर्वेशन में महिलाओं को हर श्रेणी में 33 फीसदी आरक्षण मिलेगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी सीटों का कोटा 50 फीसदी बढ़ा दिया गया है। स्टेशन पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए सारथी सुविधा के तहत उन्हें व्हीलचेयर मुहैया कराई जाएगी। और बच्चों के लिए अब ट्रेन में स्पेशल खाना मिलेगा जो स्वादिष्ट और पौष्टिक होगा। इसके अलवा अब पत्रकारों के लिए रियायती पास पर ई-बुकिंग की सुविधा दी जाएगी। ट्रेन में लोगों के लिए स्थानीय खान-पान की सुविधा होगी। इसके अलावा अब कुलियों को सहायक कहा जाएगा, और उन्हें नई यूनिफॉर्म मिलेगी।


रेल बजट मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि रेलवे पीपीपी के जरिए स्टेशनों का विकास करेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा इस साल 100 स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा शुरू की जाएगी। रेल बजट में रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 4 नई तरह की ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। ये चार ट्रेन हैं अंत्योदय, तेजस, हमसफर और उदय ट्रेन। अंत्योदय एक्सप्रेस में सिर्फ जरनल डिब्बे होंगे। तेजस की रफ्तार 130 किलोमीटक प्रति घंटा होगी। वहीं उदय डबल डेकर एसी ट्रेन होगी, जो रात में चलेगी। हमसफर एक्सप्रेस को मध्य वर्ग को ध्यान में रखकर चलाया जाएगा और इसमें सिर्फ 3-एसी के डिब्बे होंगे।


प्रभु अब भारतीय रेल को मॉडर्न और वर्ल्ड क्लास बनाएंगे। इसके लिए इस साल 100 स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा शुरू होगी जो अगले साल 400 स्टेशनों पर पहुंचाई जाएगी। इसके लिए रेलवे ने गूगल के साथ पार्टनरशिप की है। अब विदेशी डेबिट/क्रेडिट कार्ड से भी ई-टिकट की सुविधा मिलेगी और अब हर मिनट 7200 टिकट बुक हो सकेंगे। 139 हेल्पलाइन की मदद से टिकट कैंसिल होगा और 1780 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगाई जाएगी। इसके अलावा साफ सफाई पर भी जोर होगा और इस वित्त वर्ष में 17,000 बायोटॉइलेट बनाएं जाएंगे। साथ ही एसएमएस के जरिए टॉइलेट साफ करवाने की सुविधा होगी।


प्रभु के बजट में सुरक्षा पर भी काफी जोर दिया गया है। सभी स्टेशनों में सीसीटीवी कैमरे की सुविधा दी जाएगी। अब हर ट्रेन की बोगी में जीपीएस सिस्टम की सुविधा होगी। मिशन जीरो एक्सिडेंट के तहत ट्रेनों की टक्कर रोकने वाला सिस्टम लगाया जाएगा। अब टिकट बुकिंग के वक्त ट्रैवल इंश्योरेंस का विकल्प भी आपको दिया जाएगा। इसके अलावा अब महिलाओं के लिए 24x7 हेल्पलाइन नंबर 182 होगा।


प्रभु ने रेलवे की कमाई बढ़ाने पर भी अच्छा खासा काम किया है। इस साल रेलवे में दोगुना निवेश होगा, मंत्रालय कमाई के दूसरे विकल्पों पर जो देगा। अब विज्ञापन से रेल का राजस्व बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। प्रुभ किराया बढ़ाकर कमाई बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। रेल मंत्री के हिसाब से कमाई के कई उपाय किए गए हैं और इस साल रेलवे 8720 करोड़ की बचत कर पाएगी। इस साल के लिए ऑपरेटिंग रेश्यों का लक्ष्य भी 92 फीसदी का है। इस साल रेलवे की आय 10 फीसदी से ज्यादा यानी 1.85 लाख करोड़ रह सकती है। हालांकि इस साल खर्च भी 21 फीसदी बढ़कर 1.21 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। सरकार आने वाले पांच साल में एलआईसी से 1.5 लाख करोड़ रुपए जुटाएगी।


रेलवे में निवेश बढ़ाने की जरूरत पर जोर देते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि निवेश बढ़ाने के लिए आय के नए रास्ते तलाशे जाएंगे लेकिन उन्होंने कहा इस साल निवेश पहले से डबल हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेल बजट को नीतिगत क्रांति बताया है। उन्होंने कहा है कि अंत्योदय एक्सप्रेस हमारी गरीबों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाता है।


सरकार भले ही रेल बजट की तारीफ करते नहीं थक रही है लेकिन पूर्व रेलमंत्रियों ने इस बजट को हवा हवाई बताया है। दिनेश त्रिवेदी ने इम्तिहान में प्रभु को फेल बताया तो लालू और नीतीश ने कहा बजट में रेलवे की सेहत सुधार का कोई रोडमैप नहीं है। एक और पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल ने कहा है कि बजट में कुछ भी नया नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से नई ट्रेनों का एलान नहीं हुआ उससे तो अब लोगों को रेलवे बजट से कोई उम्मीद ही नहीं रह गई। उनके मुताबिक किराए भी कम होने चाहिए थे।

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